India vs south africa 5th t20 match:लखनऊ में चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच का बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो जाना सिर्फ एक “दुर्भाग्यपूर्ण घटना” नहीं था, बल्कि यह आधुनिक क्रिकेट के सामने खड़ी कुछ बड़ी और अनदेखी चुनौतियों की याद दिलाने वाला पल भी था। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही इस रोमांचक टी20 सीरीज़ में अब तक तीन मैचों में जो तेज़ी, आक्रामकता और रणनीतिक लड़ाई देखने को मिली थी, उस रफ्तार पर अचानक घना कोहरा भारी पड़ गया।
कोहरे ने क्यों छीना पूरा मैच?
लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में चौथे टी20 से पहले हालात लगातार बिगड़ते चले गए। शाम ढलते ही विज़िबिलिटी इतनी कम हो गई कि अंपायरों के लिए मैदान का निरीक्षण करना ही चुनौती बन गया। कई बार निरीक्षण हुआ, उम्मीद बनी रही, लेकिन अंततः खिलाड़ी सुरक्षा और खेल की निष्पक्षता को प्राथमिकता देते हुए मैच रद्द करने का फैसला लिया गया। न टॉस हुआ, न ही एक भी ओवर फेंका जा सका।
यह फैसला भले ही प्रशंसकों के लिए निराशाजनक रहा हो, लेकिन यह याद दिलाता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब सिर्फ टीमों की तैयारी ही नहीं, बल्कि मौसम और पर्यावरणीय परिस्थितियाँ भी उतनी ही निर्णायक भूमिका निभाने लगी हैं।
सीरीज़ की तस्वीर अब क्या कहती है?
तीन मैचों के बाद भारत 2-1 से आगे था और चौथा मैच रद्द होने के साथ ही यह साफ हो गया कि टीम इंडिया यह सीरीज़ हार नहीं सकती। ट्रॉफी भारत के हाथ से नहीं जाएगी, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के पास अभी भी सम्मान बचाने का मौका है। अहमदाबाद में होने वाला पांचवां और आखिरी टी20 मुकाबला जीतकर प्रोटियाज़ इस सीरीज़ को 2-2 से बराबर कर सकते हैं।
यानी, भले ही ट्रॉफी का फैसला लगभग तय हो चुका हो, लेकिन आखिरी मैच का महत्व कम नहीं हुआ है। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त और आने वाले टूर्नामेंट्स की तैयारी के लिहाज़ से बेहद अहम रहेगा।
अहमदाबाद की ओर रुख: सिर्फ शहर नहीं, माहौल भी बदलेगा
अब कारवां देश के पश्चिमी हिस्से की ओर बढ़ चुका है। 19 दिसंबर 2025, शुक्रवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका आमने-सामने होंगे नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम सिर्फ भारत का ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में से एक है। IPL में गुजरात टाइटंस का घरेलू मैदान होने के कारण भारतीय खिलाड़ी यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। चौड़ा मैदान, तेज़ आउटफील्ड और दर्शकों का भारी शोर—यह सब मिलकर एक बिल्कुल अलग ऊर्जा पैदा करता है।
पिच और रणनीति: रन बरसने के पूरे आसार
अहमदाबाद की पिच आमतौर पर बल्लेबाज़ों के लिए मददगार मानी जाती है। सतह सपाट होती है, बॉल अच्छे से बल्ले पर आती है और उछाल भी भरोसेमंद रहता है। ऐसे में दोनों टीमों के पावर हिटर्स के लिए यह एक सुनहरा मौका होगा।
हालांकि, बड़े मैदान के कारण स्पिनर्स और स्मार्ट फील्डिंग भी निर्णायक साबित हो सकती है। भारत के लिए यह मैच अपनी बेंच स्ट्रेंथ आज़माने या कुछ खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका हो सकता है, जबकि दक्षिण अफ्रीका पूरी ताकत झोंककर सीरीज़ बराबर करने उतरेगा।
मौसम की चिंता या राहत?
लखनऊ में कोहरे के चलते जो हुआ, उसके बाद मौसम पर सभी की नज़रें टिक गई हैं। अहमदाबाद के लिए राहत की खबर यह है कि 19 दिसंबर की शाम को अच्छी विज़िबिलिटी का अनुमान है। ठंड तो रहेगी, लेकिन घने कोहरे की संभावना कम बताई जा रही है। यानी, इस बार उम्मीद है कि फैसला मौसम नहीं, बल्कि मैदान पर खिलाड़ी करेंगे।
आगे क्या मायने रखता है यह मुकाबला?
यह आखिरी टी20 सिर्फ एक औपचारिक मैच नहीं है। भारत के लिए यह सीरीज़ जीत को ठोस तरीके से खत्म करने का अवसर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका के लिए यह संदेश देने का मौका कि वे विदेशी धरती पर भी बराबरी की टक्कर दे सकते हैं। इसके अलावा, दोनों टीमों के युवा खिलाड़ियों के लिए यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नज़रों में खुद को स्थापित करने का मंच भी है।
लखनऊ में अधूरा रह गया रोमांच अब अहमदाबाद में अपने अंजाम तक पहुंचेगा। उम्मीद यही है कि इस बार कोहरा नहीं, बल्कि क्रिकेट ही चर्चा का केंद्र बने।









